खंडवा के होम्योपैथी डॉक्टर को स्वाइन फ्लू, उपचार के लिए इंदौर में भर्ती
खंडवा। चीन में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस की दहशत के बीच खंडवा में स्वाइन फ्लू (एच-1 एन-1) का पॉजिटिव मरीज पाया गया है। इंदौर रोड स्थित एक कॉलोनी के होम्योपैथी डॉक्टर में स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए जाने पर परिजन ने इंदौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती किया। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव पाए जाने के बाद मरीज के परिजनों की भी जांच की गई ताे सभी सामान्य पाए गए। स्वाइन फ्लू का मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है।
जिला महामारी विशेषज्ञ योगेश शर्मा ने बताया स्वाइन फ्लू संदिग्ध मरीज को 10 फरवरी काे इंदौर के एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती किया गया। शनिवार काे इसकी जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद स्वास्थ्य विभाग खंडवा में अलर्ट जारी किया है। शर्मा के मुताबिक आमजन को वायरस से बचाव एवं रोकथाम के प्रति जागरुक किया जा रहा है। जिला अस्पताल अधीक्षक डॉ. ओपी जुगतावत ने कहा कि अगर किसी भी व्यक्ति की नाक लगातार बह रही है या छींक आना, कफ जमना, खांसी व शरीर में अकड़न होने पर सीधे जिला अस्पताल में जांच कराएं। अपनी मर्जी से दवा न खाएं। स्वाइन फ्लू का सरकारी अस्पताल में संपूर्ण इलाज है।
इस साल पहला मरीज
जिला महावारी विशेषज्ञ योगेश शर्मा ने बताया कि इस साल सर्दी के सीजन में स्वाइन फ्लू का पहला मरीज मिला है। अब तक किसी भी संदिग्ध की सेंपल जांच तक नहीं हुई। जबकि गत वर्ष 5 लोगों में स्वाइन फ्लू के लक्षण होने पर इलाज किया गया था। जिनमें से एक मरीज की इंदौर व एक की जलगांव में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
स्वाइन फ्लू बीमारी इन्फ्लूएंजा (एच1एन1) वायरस से होती है। यह वायरस मनुष्य से ड्रोपलेट इन्फेक्शन से फैलता है। खांसने-छींकने पर एक से चार मीटर की दूरी वाले व्यक्ति प्रभावित होते हैं। रोगी के शरीर में वायरस 1 से 7 दिन में फैल जाता है। इसके उपचार के लिए शुरुआत में पेरासीटामॉल जैसी दवाएं बुखार कम करने के लिए दी जाती हैं। बीमारी के बढ़ने पर एंटी वायरल दवा ओसिल्टामीवियर (टेमी फ्लू) से इलाज किया जाता है।
चीन से लौटे 2 विद्यार्थी, आइसोलेशन में रखा
चीन में डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहे खंडवा के दो विद्यार्थी कोरोना वायरस फैलने से पहले लौट आए। जानकारी अनुसार एक युवक व युवती चीन में मेडिकल के छात्र हैं। गृह विभाग से मिली जानकारी के बाद जिला प्रशासन ने युवक-युवती की स्क्रीनिंग की। इस दौरान उनमें कोरोना वायरस के लक्षण नहीं मिले। एहतियात के तौर पर डॉक्टरों ने उन्हें होम आइसोलेशन में रखा है। इसके बाद दोनों विद्यार्थी घर में ही है। उनके लिए कहीं भी आने-जाने पर रोक लगा दी है। 12 जनवरी व 1 फरवरी को अलग-अलग तारीख में विद्यार्थी खंडवा पहुंच चुके हैं। जिला महामारी विशेषज्ञ शर्मा ने बताया शहर में अब तक 2 ही लोग चीन से आए थे। इनके अलावा और किसी की जानकारी नहीं है।