अब आप-हम सीधे करा सकेंगे फल-सब्जी में केमिकल की जांच
भोपाल। शहर में सप्लाई हो रहे दूध, मावा, घी, पेय पदार्थों और फल-सब्जियों में कीटनाशक, केमिकल और हैवी मेटल की जांच अब तक भोपाल में नहीं हो पाती थी। अब यह सुविधा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ईदगाह हिल्स स्थित राज्य खाद्य पदार्थ परीक्षण प्रयोगशाला में मिल सकेंगी। इसके लिए लैब को अपग्रेड किया गया है। सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने इस लैब का शुभारंभ किया।
एक महीने तक उपकरणों का ट्रायल रन चलेगा। इसके बाद जांच की व्यवस्था शुरू होगी। यहां पर सब्जियों में उपयोग होने वाले रासायनिक रंगों की जांच भी हो सकेगी। मिलावट की आशंका होने पर कोई भी व्यक्ति संबंधित खाद्य पदार्थ को एक पैकेट भरकर लैब पर ले जाएगा। यहां पर उसे 10 रुपए की रसीद कटवाना होगी। दरअसल राज्य खाद्य पदार्थ परीक्षण प्रयोगशाला के स्थान पर मॉडर्न फूड लैबोरेटरी बनाने का काम दो साल से चल रहा था। एफएसएसएआई ने लैब में साढ़े 8 करोड़ के उपकरण सॉफ्टटेल योजना के तहत खरीदकर दिए हैं।
एक महीने ट्रायल, फिर शुरू होगी जांच... अब तक नहीं थी खाद्य पदार्थों में बैक्टीरिया, फंगस, पेस्टीसाइट्स, केमिकल व हैवी मेटल की जांच की सुविधा
1 माइक्रो बायोलॉजिकल : इसमें बैक्टीरिया, फंगस, अमीबा व अन्य छोटे जीवाणु की जांच होगी। फूड पॉइजनिंग की वजह भी ये बैक्टीरिया होते हैं, लेकिन अभी तक माइक्रोबायोलॉजिकल जांचें नहीं होने से फूड पॉइजनिंग की शिकायत के बाद भी असली वजह सामने नहीं आ पाती थी।
2 कीटनाशक : सब्जियों में कीटनाशकों का बड़ी मात्रा में छिड़काव होता है। अब तक इनकी जांच नहीं हो पा रही थी। कीटनाशक में खतरनाक केमिकल होते हैं। इनसे कैंसर, बांझपन और स्किन डिसीज का खतरा रहता है।
3 हैवी मेटल : सीवेज की सिंचाई से सब्जियों, घी और कुछ पेय पदार्थों में हैवी मेटल (धातुएं) जैसे आर्सेनिक, निकिल, कैडमियम, क्रोमियम, मर्करी, जिंक, मैग्नीशियम आदि पाए जाते हैं। इनसे किडनी, लिवर को नुकसान पहुंचता है।
सब्जियों में घातक रसायनों की मिलावट
| सब्जी | मिलावट क्या | सेहत पर संभावित असर |
| करेला | हरा करने के लिए मेलेकाइट | लिवर, आंत, किडनी को नुकसान |
| लाैकी | आकार बढ़ाने ऑक्सीटोसिन | नपुसंकता के शिकार हो सकते हैं। |
| गिल्की | आकार बढ़ाने ऑक्सीटोसिन | नपुसंकता बढ़ सकती है |
| टमाटर | लाल रंग बढ़ाने जीए-3 | ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है |
| मटर | हरा करने मेलेकाइट ग्रीन | कैंसर और ट्यूमर हो सकता है |
वो सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं
सवाल : क्या मार्केट से खरीदी गई सब्जी या खाद्य पदार्थ की जांच सीधे इस लैब में करा सकते हैं?
जवाब : कोई भी व्यक्ति फल, सब्जी और खाद्य पदार्थ का सैंपल ले जाकर लैब में जमा करा सकता है। इसके लिए सिर्फ 10 रुपए फीस चुकानी होगी।
सवाल : मिलावट मिलने पर कार्रवाई कैसे होगी, संबंधित के खिलाफ क्या करना होगा?
जवाब : मिलावट साबित होने पर रिपोर्ट खाद्य सुरक्षा अधिकारी को आवेदन के साथ देनी होगी। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। मामला एडीएम कोर्ट में चलेगा।
सवाल : किसान खेत में फल-सब्जियों में इंजेक्शन लगा रहा है तो उस पर क्या कार्रवाई होगी?
जवाब : उस पर उद्यानिकी और कृषि विभाग जाकर कार्रवाई कर सकते हैं।
सवाल : रिपोर्ट से मैं संतुष्ट नहीं हूं तो क्या करूं?
जवाब : रिपोर्ट के 30 के भीतर उसे चैलेंज किया जा सकता है। इसके लिए 5000 रुपए और जीएसटी की फीस चुकाना होगी। सेंट्रल फूड लैब में सैंपल की जांच कराई जाएगी।
सवाल : मिलावट की आशंका पर किसे शिकायत करें?
जवाब : www.fssai.gov.in पर बनी सिटीजन विंडो पर क्लिक करके शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
फलों में मिलावट.. एलर्जी से लेकर कैंसर तक का खतरा
| फल | मिलावट क्या | कैसे नुकसानदायक |
| आम | जल्दी पकाने के लिए कार्बाइड | एलर्जी और न्यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम |
| केला | जल्द पकाने को कार्बाइड | एलर्जी और न्यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम |
| सेब | चमक बढ़ाने के लिए वैक्स | आंतों में छाले और कैंसर |
| नाशपाती | चमक बढ़ाने के लिए वैक्स | आंतों में छाले और कैंसर |
| तरबूज | मीठा करने के लिए सेक्रीन | एलर्जी और डायरिया की शिकायत |